Friday, 8 February 2013

शिक्षा बचाओ सम्मान बचाओ रैली कल
जागरण संवाद केंद्र, कैथल : राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा के बैनर तले प्राथमिक शिक्षकों की लम्बित मांगों को लेकर प्रदेश के जेबीटी अध्यापक 9 फरवरी को सीएम सिटी रोहतक के सैक्टर छह हुड्डा ग्राउंड में रैली में जोरदार प्रदर्शन करेंगे। यह बात बृहस्पतिवार को विभिन्न स्कूलों का दौरा करने के बाद कैथल में जिला वरिष्ठ उपप्रधान राजेश बैनीवाल ने कही। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि सरकार से कई बार बातचीत करने व आश्वासन मिलने के बाद भी प्राथमिक शिक्षकों की सभी मांगें लम्बित पड़ी हैं, जिससे जेबीटी अध्यापकों में गहरा रोष हैं। सरकार की प्राथमिक शिक्षा व शिक्षक विरोधी नीतियों के खिलाफ शिक्षा बचाओ सम्मान बचाओ रैली के माध्यम से सरकार को घेरा जाएगा तथा निर्णायक संघर्ष की शुरूआत की जाएगी। इस रैली के लिए सभी खण्डों में कई टीमें जन सम्पर्क अभियान चलाए हुए हैं ।


रोहतक में प्रदर्शन कल, सैंकड़ों टीचर लेंगे भाग
संवाद सहयोगी, गुहलाचीका : सरकारी स्कूलों को निजी हाथों में सौंपने के सरकारी मनसूबों को राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ किसी भी कीमत पर पूरे नहीं होने देगा। उक्त चेतावनी राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक की अध्यक्षता करते हुए खंड प्रधान कुलदीप नैन ने कहे।
उन्होंने अध्यापकांे को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक संघ किसी भी पूंजीपति की दखल अंदाजी को सहन नहीं करेगा। स्कूलों में अध्यापकांे के हजारों पद रिक्तपड़े हैं, सरकार उनको भरने की बजाय स्कूलों को निजी हाथों में सौंपने पर तुली हुई है।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2008 में भी सरकारी स्कूलों को बंद करवाने की कोशिश की थी, लेकिन प्राथमिक शिक्षक संघ के विरोध के बाद सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा था। अब सरकार नए तरीके व हथकंडे अपनाकर दोबारा इन स्कूलों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी में हैं। इसके विरोध में प्राथमिक शिक्षक संघ 9 फरवरी को रोहतक में विशाल प्रदर्शन कर अपना रोष जताएंगे।
उन्हांेने दावा किया कि रोहतक में होने वाले प्रदर्शन में खंड गुहला से सैंकड़ों की संख्या अध्यापक में भाग लेकर सरकार के इस निर्णय के खिलाफ ताल ठोकेंगे। इस अध्यापक श्याम सिंह सीड़ा, जोगंेद्र राणा, सत्यवान, रामजीलाल, गुरचरण, नरेश कालिया, राजपाल, शमशेर, नरेश नैयर आदि मौजूद थे।


निजीकरण के विरोध में गरजे राजकीय प्राथमिक अध्यापक
संवाद सहयोगी, राजौंद : राजकीय प्राथमिक विद्यालय में राजकीय अध्यापक संघ की खंड कार्यकारिणी की बैठक मुख्य शिक्षक रमेश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में हरियाणा सरकार द्वारा समय समय पर शिक्षकों के हितों में लिए जा रहे निर्णयों के विरोध में नारेबाजी की गई। मुख्य रूप से 3206 प्राथमिक शिक्षकों के हितों के साथ खिलवाड़ करना तथा शिक्षा के निजीकरण की शुरुआत राजौंद व बबैन खंडों को जिंदल तथा ब्रिटिश कौंसिल को सौंपना शामिल है।
ब्लाक अध्यक्ष ओमप्रकाश ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा की हरियाणा सरकार कभी भारती एयरटेल, और अब जिंदल तथा ब्रिटिश कौंसिल के हाथों में शिक्षा विभाग को सौंपना चाहती है। इसके लिए सरकार ने पूर्ण रूप से तैयारी की हुई है। अध्यापक संघ सरकार की इस प्रयास का पुरजोर ढंग से विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा 9 फरवरी को शिक्षा बचाओ, सम्मान बचाओ नाम रैली करेंगे, जो अब तक की सबसे बड़ी रैली होगी। उन्होंने कहा की रैली के लिए शिक्षक वर्ग ने तैयारी कर ली है। आखिरी सांस तक शिक्षकों के हितों तथा शिक्षा के साथ खिलवाड़, व शिक्षा का निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा। खंड सचिव राजकुमार ने कहा की 9 फरवरी को रोहतक में होने वाली रैली में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें, ताकि सरकार को अध्यापकों के विरोध के चलते अपने फैसले बदलने के लिए विवश होना पड़े। इस अवसर पर संजय राणा, कर्मबीर जांगडा, राजबीर शर्मा, पहलवान सिंह, ऋषिपाल, सत्यपाल, सतीश, जगजीत फौजी, सुरेंद्र, ओमप्रकाश, राजकुमार, सुखदेव जांगड़ा, धर्म सिंह, रामनिवास, सुंदरलाल, जितेंद्र, रणदीप, पवन कुमार, रविंद्र लौहान आदि मौजूद थे।

Thursday, 7 February 2013


अतिथि अध्यापकों की लगाई जा रही हाजिरी
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संवाद सहयोगी, पाई : हरियाणा पात्र अध्यापक संघ के कानूनी सलाहकार रामफल शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रही है। शर्मा बुधवार को अपने निवास स्थान पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इन अध्यापकों को हटाने के लिए पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार व शिक्षा बोर्ड को अपने पत्र नम्बर सीडब्ल्यूपी 7121/2010 के तहत आदेश दिए थे कि 20 मार्च 2012 से 322 दिन तक अध्यापकांे को नौकरी पर रखा जाए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश 5 फरवरी 2013 को पूरे होते हैं, लेकिन अभी छह फरवरी को प्रदेश के स्कूलों में इन अतिथि अध्यापकों की हाजरी लगाई गई। प्रदेश सरकार द्वारा इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किए गए और न ही जिला स्तर पर डीईओ व मौलिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश नहीं दिए गए कि वे अपने क्षेत्रों में इन अतिथि अध्यापकों की 5 फरवरी के बाद हाजरी नहीं लगने दी जाए। न्यायपालिका के आदेशों की पालन न करके प्रदेश सरकार अतिथि अध्यापकों का समर्थन कर रही है। पीजीटी कैडर के मास्टर व लेक्चरार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा अतिथि के तौर पर 434 दिन का समय भी जारी किया गया था। सरकार द्वारा बरती जा रही यह ढील पात्र अध्यापकों के साथ अन्याय किया जा रहा है। इस बारे में हरियाणा पात्र अध्यापक संघ बैठक का आयोजन इस बारे में निर्णय लेंगे। नहीं मिले आदेश : इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी(डीईओ) जसबीर सिंह ने बताया कि 6 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 322 दिन पूरे होते हैं। हरियाणा सरकार की ओर से उनको कोई ऐसे आदेश नहीं मिले कि वे अतिथि अध्यापकों को हाजरी लगाने से रोक सके। अभी नहीं पूरे हुए 322 दिन : राजौंद ब्लॉक के अध्यक्ष अतिथि अध्यापक सतबीर शर्मा सौंगल ने बताया कि 4 फरवरी को एक समाचार पत्र में 322 दिन पूरे होने का समय 16 फरवरी छपा था, जिस कारण से अतिथि अध्यापक अपनी हाजरी लगा रहे हैं। इस बारे में 16 फरवरी को बैठक होगा, जिसमें इस पर विमर्श किया जाएगा।

प्राथमिक शिक्षक संघ का धरना 9 को
संस, सीवन : राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा की बैठक के बाद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्रस्तावित धरना प्रदर्शन के लिए संघ के सदस्यों ने खंड के स्कूलों में जाकर अध्यापकों से मिले और उन्हें इस रैली में बढ़ चढ़ कर भाग लेने के लिए कहा। जिला महासचिव राकेश र} व कार्यकारी प्रधान राजेश बैनीवाल ने बताया कि प्राथमिक शिक्षक अपनी मांगों को मनवाने के लिए कृत संकल्प हैं। इसके लिए राज्य कार्यकारिणी ने 9 फरवरी को रोहतक में राच्य स्तर पर रैली और धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस रैली में प्रदेश से भारी संख्या में प्राथमिक शिक्षक भाग लेंगे।
इसके लिए उन्होंने जन संपर्क अभियान चलाया है। वह सभी स्कूलों में पहुंचकर अध्यापकों को इस रैली में भाग लेने के लिए न्योता दे रहे हैं। प्राथमिक शिक्षक सरकारी की शिक्षक व शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ शिक्षा बचाओ सम्मान बचाओ रैली 9 फरवरी को रोहतक में मुख्य मांगों के लिए प्रदर्शन करेंगे। उनकी मुख्य मांगे वर्ष 2000 में चयनित शिक्षकों को मास्टर पदों पर पदोन्नति व सभी विभागीय लाभ देने, सभी प्राथमिक विद्यालयों में मुख्य शिक्षकों के पद को स्वीकृति करते हुए छात्र संख्या की शर्त को हटाया जाए व पंजाब व हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर विभागीय पदोन्नति दी जाए। उच्च योग्यता प्राप्त मुख्य शिक्षक को मिडिल हैड पदोन्नति में शामिल किया जाए। डीएड में जारी इंटर्नशिप को बिना शर्त समाप्त किया जाए और छात्र अध्यापकों के साथ हो रहे अन्याय को खत्म किया जाए। जितना समय इन्टरनशिप हो चुकी है उसका भुगतान किया जाए। इसके साथ ही सभी विद्यालय में उच्च विद्यालय की तरह आधारभूत सुविधाएं : स्वीपर, चौकीदार व सेंटर पर क्लर्क का स्थायी पद स्वीकृत किया जाए।
इस अवसर पर उनके साथ कृष्ण फर्शमाजरा भी साथ थे। बुधवार को उन्होंने फर्शमाजरा, फिरोजपुर, मलिकपुर, डोहर, सीवन, सौथा, पोलड़ के सभी स्कूलों में जन संपर्क अभियान चलाया और सभी को रैली के लिए न्योता दिया।

मिड-डे मील पकाने वाले कुकों का मेहनताना बढ़ा
संजय वर्मा, भिवानी
सरकारी स्कूल में मिड-डे मिल की हांडी में बच्चों के लिए पुलाव पकाने वाले कुकों की आखिर प्राइमरी शिक्षा निदेशालय ने सुध ले ली है। प्राइमरी शिक्षा निदेशालय ने उनके मासिक मेहनताने में 150 रुपये की वृद्धि कर उन्हें राहत प्रदान की है। प्रदेश भर के प्राइमरी व अपर प्राइमरी स्कूलों में अस्थायी कर्मचारी के तौर पर नियुक्त किए गए कुकों को अब तक एक हजार रुपये प्रति माह का मेहनताना दिया जाता रहा है। अब उन्हें हर माह 1150 रुपये का भुगतान किया जाएगा। बढ़ा हुआ मानदेय गत 1 अगस्त 2012 से लागू किया गया है।
प्रदेश भर में तकरीबन 35 हजार कुकों की नियुक्ति की गई है। अकेले भिवानी जिला में दो हजार कुक विभिन्न सरकारी स्कूलों में नियुक्त किए हुए हैं। हरियाणा प्राइमरी शिक्षा निदेशालय द्वारा प्रदेश भर की राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए मिड डे मील का राशन पकाने के लिए 15 अगस्त 2004 में कुकों की नियुक्ति की गई थी। इसके बाद विभाग द्वारा कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए मिड डे मील का राशन पकाने के लिए वर्ष 2008 में कुकों की नियुक्ति की गई। इन कुकों की विद्यालय स्तर पर ही शिक्षा निदेशालय ने नियुक्ति की है। हालांकि शिक्षा निदेशालय से मिड डे मील का राशन प्रति बच्च बजट निर्धारित किया हुआ है। मगर कुकों को एकमुश्त ही निवि203अत वेतन पर मेहनताने के रूप में एक हजार रुपयों का भुगतान किया जाता रहा है। लम्बे अर्से से स्कूलों में अस्थायी रूप से नियुक्त कुक अपना मेहनताना बढ़ाए जाने की मांग करते रहे हैं।

पीएचडी फीस में मिली स्कॉलरों को राहत
राजेश सैनी, हिसार
प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों से महंगी पीएचडी कराने वाले गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय ने इस बार फीस कम कर स्कॉलरों को राहत दे दी है। अर्से से उठ रही मांग व दैनिक जागरण द्वारा उठाए गए मुद्दे के कारण विश्वविद्यालय ने दोगुनी फीस को लगभग आधा कर दिया है। साइंस विषयों में भी पीएचडी की फीस घटाई गई है। इस मुद्दे पर छात्र संगठनों ने लगातार प्रदर्शन कर गुजवि प्रशासन पर दबाव बनाए हुए थे। विश्वविद्यालय ने अब पीएचडी के छात्रों की प्रति सेमेस्टर साढ़े सात हजार रुपये फीस रखी है।
इसके अलावा लाइब्रेरी व इंटरनेट प्रयोग के लिए भी सात-सात सौ रुपये की फीस देनी होगी। वहीं साइंस के विषयों में पीएचडी करने वाले छात्रों के लिए साढ़े 11 हजार रुपये फीस रखी गई है। गौरतलब है कि एचएयू, केयूके, एमडीयू में जहां प्रत्येक समेस्टर की फीस 3 हजार से 6 हजार के आसपास है, वहीं जीजेयू की फीस दोगुना से भी अधिक थी। जीजेयू में सोशल साइंस (एमबीए, मनोविज्ञान, मास कम्युनिकेशन व एडवरटाइजमेंट) की पीएचडी व साइंस की पीएचडी फीस भी समान रखी गई थी।
गुजवि के रजिस्ट्रार डॉ. आरएस जागलान ने बताया कि पिछले कुछ समय से छात्रों की डिमांड थी कि उनकी पीएचडी की फीस घटाई जाए। उन्होंने कहा इस मांग पर विश्वविद्यालय ने इस बार फीस कुछ घटाई है। अंबेडकर स्टूडेंट फ्रंट ने अब विश्वविद्यालय प्रशासन से एससी के उन छात्रों जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम हो में मास्टर डिग्री की भांति पीएचडी की फीस में भी छूट देने की मांग की है।
गेस्ट टीचरों की सेवाएं जारी क्यों: सुप्रीम कोर्टदयानंद शर्मा, चंडीगढ़ सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार पर हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में दिए गए बयान के उलट नियमित भर्ती में देरी करने व गेस्ट टीचर की सेवा जारी रखने के खिलाफ कड़ा रूख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश राज्य सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस बार सीधे-सीधे संबंधित अधिकारियों के नाम लेकर आदेशों की अवमानना पर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने 30 मार्च 2012 को पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट में शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त सुरीना राजन द्वारा दिए गए 322 दिन के भर्ती शेड्यूल संबंधी शपथ पत्र का शक्ति से पालन करने व तब तक अतिथि अध्यापकों की सेवाएं जारी रखने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया था कि भविष्य में ओर समयसीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। आदेशों की पालना न होने व इस संबंध में दायर अवमानना याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया अख्तियार किया है। दायर अवमानना याचिका में यह तथ्य भी रखा गया है कि अभी तक टीजीटी पदों पर नियमित अध्यापकों की भर्ती का विज्ञापन ही जारी नहीं किया गया है जबकि टीजीटी पदों पर हजारों अतिथि अध्यापक कार्य कर रहें हैं। सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख व अवमानना नोटिस के मद्देनजर अब सरकार की बजाय संबंधित अधिकारियों पर तलवार लटक गई है। वहीं 322 दिन की समय सीमा पूरी होने के चलते अतिथि अध्यापकों की सेवाएं भी खतरे में पड़ गई हैं।
गेस्ट टीचरों की सेवाएं जारी क्यों: सुप्रीम कोर्ट
दयानंद शर्मा, चंडीगढ़ सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार पर हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में दिए गए बयान के उलट नियमित भर्ती में देरी करने व गेस्ट टीचर की सेवा जारी रखने के खिलाफ कड़ा रूख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश राज्य सरकार के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस बार सीधे-सीधे संबंधित अधिकारियों के नाम लेकर आदेशों की अवमानना पर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने 30 मार्च 2012 को पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट में शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त सुरीना राजन द्वारा दिए गए 322 दिन के भर्ती शेड्यूल संबंधी शपथ पत्र का शक्ति से पालन करने व तब तक अतिथि अध्यापकों की सेवाएं जारी रखने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया था कि भविष्य में ओर समयसीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। आदेशों की पालना न होने व इस संबंध में दायर अवमानना याचिका के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया अख्तियार किया है। दायर अवमानना याचिका में यह तथ्य भी रखा गया है कि अभी तक टीजीटी पदों पर नियमित अध्यापकों की भर्ती का विज्ञापन ही जारी नहीं किया गया है जबकि टीजीटी पदों पर हजारों अतिथि अध्यापक कार्य कर रहें हैं। सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख व अवमानना नोटिस के मद्देनजर अब सरकार की बजाय संबंधित अधिकारियों पर तलवार लटक गई है। वहीं 322 दिन की समय सीमा पूरी होने के चलते अतिथि अध्यापकों की सेवाएं भी खतरे में पड़ गई हैं।





Wednesday, 6 February 2013



2000 me join jbt trs mamle me 5 feb ko high court me sunwai hui.HC ne petitioner ki day by day hearing or new prayer ko reject kiya.nxt hearing 22july ko hogi

जेबीटी टीचरों को प्रमोशन नहीं 
मुख्यमंत्री हुड्डा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में लिया फैसला 

• अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़ । जेबीटी टीचरों को प्रमोशन नहीं मिलेगी। यह फैसला मंगलवार को सीएमभूपेंद्र सिंह हुड्डा की उपस्थिति में हुई शिक्षा विभाग के अफसरों की बैठक में किया गया। 
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने वर्ष-2000 में लगे 3206 जेबीटी टीचरों की याचिकाओं पर हरियाणा सरकार को निर्देश दिया था कि उनको प्रमोशन दी जाए। इस मामले में अगली सुनवाई 27 फरवरी को होगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री के साथ बैठक में जेबीटी टीचरों को हटाने या न हटाने के बारे में चर्चा हुई। बैठक में फैसला हुआ है कि चूंकि सीबीआई की विशेष अदालत का फैसला गत 16 जनवरी को आ चुका है जिसमें जेबीटी टीचरों की नियुक्ति वाली सूची को फर्जी ठहराया गया है। इसलिए इन टीचरों को प्रमोशन नहीं दी जाएगी क्योंकि अब हालात बदल गए हैं। यह भी फैसला किया गया है कि हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 27 फरवरी से पहले सरकार की तरफ से आग्रह किया जाएगा कि प्रमोट करने वाले आदेश को वापस लिया जाए। 
हरियाणा जेबीटी मामले की नियमित सुनवाई नहीं 
• अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के शासन काल में हुई गैरकानूनी जेबीटी भर्तियों के लंबित मामले में दाखिल उन अपीलों को अस्वीकार कर दिया है, जिनमें इस मामले की जल्द सुनवाई और डे टू डे हेयरिंग करने के आग्रह के साथ पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ दिल्ली के स्पेशल सीबीआई कोर्ट के आदेशों को प्लेस आन रिकार्ड किया गया था। हाईकोर्ट के जस्टिस टीएस ढींढसा पर आधारित सिंगल बेंच ने मंगलवार को सभी अपीलाें का निपटारा करते हुए कहा कि इस मामले में दाखिल मुख्य याचिका की सुनवाई के दौरान अपीलों में उठाए सभी पहलुआें पर विचार किया जाएगा। हाईकोर्ट ने मुख्य याचिका पर सुनवाई 22 जुलाई के लिए निर्धारित की है। 
मंगलवार को सुनवाई के दौरान करनाल निवासी सतबीर सिंह एवं तीन अन्याें की अपीलों की पैरवी कर रही अधिवक्ता ने हाईकोर्ट से आग्रह किया कि चूंकि इस मामले पर दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत फैसला सुना चुकी है, लिहाजा इसे जल्द सुनवाई में लेकर डे टू डे हेयरिंग में लिया जाए, ताकि जेबीटी परीक्षा में धांधली के कारण नौकरी से वंचित रहे लोगों को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि चौटाला शासन काल में 3,206 जेबीटी टीचराें की नियुक्ति के मामले में यह साफ हो चुका है कि 1,577 अध्यापकों के गैरकानूनी तरीके से नंबर बढ़ाए गए। उन्हाेंने कहा कि इन अध्यापकों की गैरकानूनी नियुक्ति के चलते सैकड़ों योग्य उम्मीदवारों को नौकरी से वंचित होना पड़ा था। उन्होंने कहा कि याची पक्ष 1577 अध्यापकों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना चाहता है, ताकि भविष्य में ऐसे धांधलियों को रोका जा सके।
दो आरोपियों ने दी सजा को चुनौती
नई दिल्ली। हरियाणा के चर्चित जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में सजा पाए दो और आरोपियों शेर सिंह बड़शामी व अजीत सिंह सांगवान ने हाईकोर्ट में अपील दायर करक निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है। अदालत ने मामले की सुनवाई सात फरवरी तय की है। वहीं, सोमवार को अपील दाखिल करने वाले आरोपी पुष्कर मल वर्मा ने पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए पैरोल मांगी है उनके आवेदन पर छह फरवरी को सुनवाई होगी। न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की अदालत में बड़शामी व सांगवान ने अपील दायर की है। न्यायमूर्ति के अवकाश पर होने से सुनवाई नहीं हो पाई। बड़शामी को निचली अदालत ने दस वर्ष व सांगवान को चार वर्ष कैद की सजा सुनाई थी। 
•सीबीआई अदालत ने जेबीटी टीचरों वाली सूची को फर्जी ठहराया 
•मुख्य याचिका पर सुनवाई 22 जुलाई को


सभी नियमित प्राथमिक शिक्षक साथियो को पुन: सूचित किया जाता है कि राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा प्राथमिक शिक्षको की सभी लम्बित मांगो को ले कर 9 फरवरी को रोहतक में एक विशाल "प्रदेश स्तरीय महारैली" की जा रही है। इसलिए सभी नियमित प्राथमिक शिक्षक साथी इस "प्रदेश स्तरीय महारैली" में शिरकत करे और अन्य साथियो तक सूचना पहुंचाएं। संघ की और से सूचना व वाहन उपलब्ध ना हो पाए तो भी अपने स्तर पर आस-पास के साथियो के साथ सम्पर्क कर 8-10 की टीम में अपने स्तर पर वाहन करके भी हर हाल में अपनी उपसिथति सुनिश्चित करें। ये हमारी अपनी रैली है इसलिए बिना किसी के न्योते का इंतजार किये हमे पहुंचना ही है। सो मिलते है 9 फरवरी को रोहतक में। धन्यवाद।
निवेदक--राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ हरियाणा

2000 me join jbt trs mamle me 5 feb ko high court me sunwai hui.HC ne petitioner ki day by day hearing or new prayer ko reject kiya.nxt hearing 22july ko hogi.
Haryana cm hooda nd edu.deptt. K officer ki kl meeting hui jisme faisla kiya gya ki in jbt trs ko promotion nhi di jayegi or court me promotion dene k order ko vapis lene k liye application di jayegi. Jo trs ab b ye mante hein ki govt in trs ki khilaf nhi hai wo hosh me aa jao. Govt kahti hai ki cbi ne prove kiya hai ki join trs farji hein. Ydi govt ko court se kuch b hmare khilaf mila to sidhe ghar ka rasta dikhayegi. Friends, ab to jago.



Monday, 4 February 2013


NEW NOTICE TO ALL SELECTED JBT TRS OF 2000 SELECTED FROM HIGH COURT  PUNJAB & HARYANA CHANDIGARH IN  THE TRIBUNE DATED 04/02/2013 PAGE 12  Coloum 8 IN COURT NOTICE



PUNJAB & HARYANA HIGH COURT
CASE STATUS INFORMATION SYSTEM
Case Status :  PENDING
Status of          CIVIL WRIT PETITION   578        of    2010    
BASHIR AHMED AND ORS.                 Vs.                  STATE OF HARYANA AND ORS.
Pet's Adv.     :   LOKESH SINHAL                   
Next Date of Hearing    :   2-5-2013    
Next Date of Hearing :     Thursday, May 02, 2013
Last Listed On :     Wednesday, January 23, 2013
List Type :  Regular     

FIR No. :   NO FIR DETAILS AVAILABLE / NOT A CRIMINAL CASE
    

Category :  GOVT SERVICE (HY)-sb     

Bench for Next Hearing Dt :  MR. JUSTICE MAHESH GROVER ,---,---     Bench Sl. No : 1389     

Bench for Last Hearing Dt :  MR. JUSTICE MAHESH GROVER ,---,---     Bench Sl. No : Not Available     
CONNECTED APPLICATION (S)
  CM   17448-CWP    of  2012
  CM   17449-CWP    
of  2012
  CM   17450-CWP    
of  2012
  CM   17983-CWP    
of  2010
  CM   17984-CWP    
of  2010
  CM   4547-CWP    
of  2012
  CM   4548-CWP    
of  2012
  CM   802-CWP    
of  2013
  CM   803-CWP    
of  2013
CONNECTED MATTER (S)

   CWP     16804   of   2010

PUNJAB & HARYANA HIGH COURT
CASE STATUS INFORMATION SYSTEM
Case Status :  PENDING
Status of          CIVIL WRIT PETITION   269        of    2010    
SATBIR SINGH AND ORS.                 Vs.                  STATE OF HARYANA AND ANR.
Pet's Adv.     :   PANKAJ NANHERA                   
Last Listed On :     Monday, January 07, 2013
List Type :  Regular     

FIR No. :   NO FIR DETAILS AVAILABLE / NOT A CRIMINAL CASE
    

Category :  GOVT SERVICE (HY)-sb     

Bench for Next Hearing Dt :  MR. JUSTICE MAHESH GROVER ,---,---     Bench Sl. No : 1388     

Bench for Last Hearing Dt :  MR. JUSTICE MAHESH GROVER ,---,---     Bench Sl. No : Not Available     
CONNECTED APPLICATION (S)
  CM   12322-CWP    of  2012
  CM   1254-CWP    
of  2013
  CM   1255-CWP    
of  2013
  CM   1256-CWP    
of  2013
  CM   1257-CWP    
of  2013
  CM   1262-CWP    
of  2012
  CM   1263-CWP    
of  2012
  CM   16134-CWP    
of  2012
  CM   1790-CWP    
of  2010
  CM   17989-CWP    
of  2010
  CM   17990-CWP    
of  2010
  CM   8039-CWP    
of  2010
CONNECTED MATTER (S)

   CWP     15414   of   2001
   CWP     21583   of   2010
   CWP     4187   of   2010
   CWP     578   of   2010