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Saturday, 8 December 2012

नर्सरी के विद्यार्थियों की नहीं होगी सर्वे में गिनती


नर्सरी के विद्यार्थियों की नहीं होगी सर्वे में गिनती
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नर्सरी के बच्चों को मिड डे मील दिया जाएगा। उनकी संख्या को यू-डाइस फार्म में नहीं भरा जाएगा। कुछ स्कूल मुखियाओं को गलतफहमी हो गई है। उसे दूर करना जरूरी है।
>>वंदना गुप्ता, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
बैठक में उन्होंने केवल यू-डाइस के फार्म में नर्सरी के बच्चों की छात्र संख्या नहीं दिए जाने के निर्देश दिए थे। मिड-डे-मील न देने संबंधी कोई मौखिक निर्देश नहीं दिए गए हैं।
>>बलबीर सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी
जासंकें, जींद : प्राइमरी स्कूलों के विद्यार्थियों की संख्या की जानकारी जुटाने के लिए होने वाले सर्वे (यू-डाइस) में नर्सरी के बच्चों की छात्र संख्या को नहीं जोड़ा जाएगा। इसके लिए जिले के अधिकारी स्कूल मुखियाओं को बैठक में मौखिक सूचना दे रहे हैं। बाकायदा स्कूल मुखियाओं को बैठक में फार्म वितरित कर दिए गए हैं।
पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की छात्र संख्या जानने के लिए अबकी बार स्कूल मुखियाओं द्वारा यू-डाइस के फार्म भरे जाएंगे। इसमें पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों की पूरी जानकारी होगी। यही नहीं इस फार्म में नर्सरी कक्षा के बच्चों की संख्या को शामिल नहीं किया जाएगा। इसमें केवल पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों की छात्र संख्या ही लिखी जाएगी। वहीं मिड डे मील की छात्र संख्या में भी इसे शामिल नहीं किया जाएगा। हालांकि बच्चों को मिड डे मील जरूर दिया जाएगा।
स्कूल मुखियाओं में असमंजस की स्थिति : स्कूल मुखियाओं की माने तो अब नर्सरी के बच्चों छात्र संख्या में नहीं जोड़ा जाएगा, जिसके चलते उनको मिड डे मील नहीं दिया जाएगा। वहीं अधिकारियों की माने तो मिड डे मील जरूर दिया जाएगा।
स्कूलों में पहुंचेगा अच्छा फर्नीचर’
जागरण ब्यूरो, चंडीगढ़ : शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने कहा कि स्कूलों में बच्चों को बैठने के लिए डेस्क प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है। सभी आरोही स्कूलों को शत प्रतिशत फर्नीचर पहुंचा दिया गया है और महाविद्यालयों में भी अच्छे फर्नीचर मुहैया करवाए गए हैं। दैनिक जागरण ने 2 दिसंबर के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
प्राथमिक तथा माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों को अच्छे फर्नीचर उपलब्ध करवाने को प्राथमिकता दी जा रही है। नई शैक्षणिक सत्र से स्कूलों में कोई भी बच्च जमीन पर नहीं बैठेगा, जिसके लिए व्यापक प्रबंध गए है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में अध्यापकों के स्टॉफ रूम के लिए भी मॉडर्न फर्नीचर प्रदान किया जाएगा ताकि सरकारी स्कूलों को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जा सके।
बदलेगी
 आइटीआइ की ड्रेस : प्रदेश में आइटीआइ के विद्यार्थी अब यूनिफार्म में नजर आएंगे। औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग द्वारा आइटीआइ के विद्यार्थियों के लिए नई स्मार्ट यूनिफॉर्म डिजाइन करने का निर्णय लिया गया है। विद्यार्थी अपने लिए खुद यूनिफार्म डिजाइन करेंगे। शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री गीता भुक्कल ने बताया कि अधिकारियों को आइटीआइ विद्यार्थियों के लिए बेहतरीन यूनिफार्म डिजाइन करने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में ड्रेस डिजाइनिंग के पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2012 को युवा वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और इस दौरान युवा के कौशल विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है।





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